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Friday, September 3, 2010

नटखट चूहा!




सरपट भागे नटखट चूहा
मुह में लेकर माल-पुआ
पलक झपकते यह गुम हुआ!

दौड़ी मम्मी, डंडा लाई
आज तो तेरी खैर नहीं भाई
बड़ा सताए, गुस्सा दिलाये
अब तो तेरी शामत आई!

मारा डंडा लगा के जोर
टूटा फूलदान, हुआ भारी शोर
बेचारी मम्मी तकती रही
चूहा मुड़ गया बिल की ओर!

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1 comments:

मनोज कुमार said...

बहुत ही अच्छा बाल गीत।

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