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Saturday, February 12, 2011

सूरज!



स्याह रंग रात का
गहरा रहा है
भरता जा रहा है
बीज पूर्णता के
अंगड़ाता
कसमसाता
हौले से गुदगुदा रहा है
उसकी कोख में
एक आईना उभर आ रहा है
उसकी भीनी रौशनी में
नया जनम खिल रहा है!

Wednesday, February 9, 2011

मन अकेला!




मन अकेला
मुरझा गया

अधखिला यौवन
समय से पहले ही सिमट गया

टीस सहता रहा
मोमबती की बाती समान जलता गया

परछाई बन बहुत दूर तक चला
शायद खुद में ही खोता गया

अकेला मन
हर रोज़ मरता गया!

Saturday, January 29, 2011

एक अलग दुनिया है!




भूल गई थी
तुम्हारी भी एक दुनिया है!

तुम्हारा सूनापन
मेरा अकेलापन

तुम्हारे सूखे होठ
मेरी खिलखिलाती हँसी

तुम्हारे ठहराव
मेरे अन्तरंग भाव

तुम्हारे घाव की टीस
मैं बैठी थी आँखें मीच

जब हम मिले
फूल बहारो में खिले
मिट गए थे सभी फासले
पर भूल गई थी की
तुम्हारी भी एक दुनिया है!

तुम्हारी सीमाएं
तुम्हारी परिस्तिथियाँ
तुम्हारी ऊचाइयाँ
तुम्हारी गहराइया
तुम्हारी सच्चाईया
तुम्हारे नकाब
मुझसे तो अलग है ना!

Sunday, January 2, 2011

लिखना चाहती हूँ!

लिखना चाहती हूँ
मैं जीना चाहती हूँ

बेड़ियो में बिधी,
स्वतन्त्रा की सांस लेना चाहती हूँ

सूख चुके नयनो में अपने
जल प्रवाह के तीर छोड़ना चाहती हूँ

रात की भुझी राख में
चिनकारी की गर्मी खोजना चाहती हूँ

आज, जो खो चुकी अपनी आवाज़ मैं
गीत पुराने गुनगुना चाहती हूँ

सूख चुकी स्याही मेरी,
कलम फिर भी घिसना चाहती हूँ

आज फिर, लिखना चाहती हूँ
मैं जीना चाहती हूँ!

Tuesday, December 21, 2010

जादू की हँसी!




चूरा लो खुशबू फूलो की
छुपा लो गहराई बादल की
समेट लो तरुनाई धरती की
आँखें मूंद लो धरा की सच्चाई
बूझा डालो गर्मी अग्नि की
मुह फेर लो रौशनी हुए जो उजालो से
पर लौटा दो
जादू से घुली तुम्हारी हँसी
जिसकी महक बसी
मेरी यादों में
और साँसों में!

Monday, December 20, 2010

A Love Story!




Met accidentally, spoke rudely, behaved badly, hated most importantly, fought with spirited high, laughed carelessly, made fun extremely, thought profoundly, listened carefully, spoke openly, trusted blindly, waited eagerly, touched internally, hands folded with firm closeness, eyes on you I rejoice and become a shy. Truly, madly, deeply, why I loved you? Dear mice!

I am Sold!




When heart melts
Heartbeats crack
Eyes filled
Hands shiver
Legs silent
Face lost radiance
Mind goes numb
Veins go cold
Words no longer bold
Have nothing, everything just sold!