"A bi-lingual platform to express free ideas, thoughts and opinions generated from an alert and thoughtful mind."

Thursday, August 4, 2011

वक़्त









वक़्त पानी की तरह 
बहता जाता है 
वक़्त  पत्थर के समान
जड़ भी बन जाता है
वक़्त सागर के समान
गहराता जाता है
वक़्त बिजली की तरह
दौड़ भी लगाता है
वक़्त खुशबू बन
उड़ता चला जाता है
वक़्त सांझ तले
ढल भी जाता है
वक़्त  सूरज के संग
मुड़ कर आ जाता है
वक़्त  कोशिश बन
फिर मुस्कुराता है
वक़्त  आँखों में छिपा 
डर दिखाता है
वक़्त रंगों भरा 
सपना सजाता है
वक़्त पर्दा हटा 
कभी भरमाता है
वक़्त  आस बन
जीना सिखाता है
वक़्त थम जाए जब 
न जिया जाता है, ना मरना आता है!
वक़्त संभालता है
वक़्त  बिगाड़ता है
वक़्त बताता है
वक़्त दिखाता है
वक़्त से आगे क्या है?



Tuesday, July 26, 2011

भरा घढा













मैं समुंदर हूँ 
अपने भीतर भरे घढ़े
में भावनाए रूपी मोती 
सहेजती हूँ , सँवारती हूँ
पालती हूँ,  मथती हूँ
कुछ तो उपर झलकने लगते है 
कुछ सतह पर ही 
उलझते रहते है
घढा हमेशा भरा रहता है
जीवन आगे बढ़ता जाता है!

Life Interrupted

Add caption

Thursday, July 21, 2011

Good Morning!


Friday, July 15, 2011

मुझे लड़ना है तुमसे !

Terrorism, Terrorist, Terrorism in India, Mumbai Attacks















मुझे लड़ना है तुमसे 
हाँ आज उलझना है तुमसे
कितनो की जाने ली है तुमने 
कितने ही घरो को उजाडा है तुमने

मौन खड़ी अब ना सहूंगी 
आगे बढ़ तुमसे लडूंगी!

जानती हूँ, तैयार नहीं मैं 
मानती हूँ, कमज़ोर नहीं मैं
ढृढ़ निश्चय के साथ 
निरंतर बढ़ूंगी
आँखें मिला सामना करुँगी 
यही खड़ी तुमसे लडूंगी!

तुम हो मौत के सौदागर 
क्या मिला खून-खराबा फैला कर 
क्या मिली शान्ति चिराग बुझा कर?
सवालो के दायरे में 
अब ना घुटूंगी
ज्यादती अब ना सहूंगी
आगे बढ़ तुमसे लडूंगी!

Terroris

Thursday, July 14, 2011

Terror Strikes Again!

Stop Terrorism!

Thursday, July 7, 2011

इंतज़ार

 












सुबह तुम जाते हो 
शाम को लौट आते हो
बीच में रहता है  इंतज़ार

अदभुत् अनोखा  इंतज़ार
इंतज़ार  आस  का
तुम्हारे आभास का
हमारे साथ का
अपने विश्वास का

अच्छा लगता है  इंतज़ार
हमेशा करुँगी
ऐसे ही इंतज़ार !