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Monday, August 8, 2011

दोस्ती











समय के साथ-साथ
हमारी दोस्ती भी 
अनेक रूप धर रही है 
अंगडाई  लेती
परिवर्तित हो रही है 
शायद बुड्ढी हो रही है
गंभीर हो रही है
और विस्तृत हो रही है!


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4 comments:

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

दोस्ती विस्तृत हो , गंभीर हो ऐसी दोस्ती बुड्ढी नहीं हो सकती ..अच्छी क्षणिका

Saru Singhal said...

True, with time friendship changes and it becomes more precious...

Vivek Jain said...

वाह, बहुत सुंदर

विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

ana said...

kya kahane

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